| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| नाम | आहड़ |
| जिला | उदयपुर |
| नदी | आयड़ / बेड़च (बनास की सहायक नदी) |
| उपनाम | आघाटपुर, आघाट दुर्ग, धूलकोट, ताम्रवती नगरी, बनास संस्कृति का स्थल, लाल-काले मृदभांडों वाली संस्कृति का केंद्र |
| खोजकर्ता | अक्षयकीर्ति व्यास (1953) |
| उत्खनन कार्य | 1955-56 में रतनचन्द्र अग्रवाल; 1961 में एच.डी. सांखलिया, वी.एन. मिश्र, पी.एल. चक्रवती; 1961-62 में डेक्कन कॉलेज पूना व मेलबर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया |
| सभ्यता | गैर सिंधु सभ्यता स्थल, ताम्रयुगीन ग्रामीण स्थल |
| उत्खनन स्तर | आठ स्तर; तृतीय स्तर से चित्रित बर्तन, चतुर्थ स्तर से तांबे की दो कुल्हाड़ियाँ |
| प्राप्त अवशेष | तांबा गलाने की भट्टी, उल्टी तिपाई विधि से मृदभांड (लाल व काला), पत्थरों व धूप में पकाई ईंटों से निर्मित मकान, मृदभांड (सर्वाधिक), 6 तांबे की यूनानी मुद्राएँ व तीन मुहर, बनासियन बुल, रंगाई-छपाई में प्रयुक्त ठप्पे, आभूषण सहित शवाधान, लेपिस लाजुली के प्रमाण, मिट्टी के अनाज रखने के पात्र (गोरे व बकोंट) |
| विशेष मुद्रा | यूनानी देवता अपोलो का चित्र व त्रिशूल का चित्र उत्कीर्ण |


