विवरण | जानकारी |
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नाम | तारागढ़ (अजमेर) |
उपनाम | अजयमेरू, गढ़बीठली, ‘राजस्थान का जिब्राल्टर’ (विशप हैबर द्वारा दिया गया नाम) |
निर्माण | 1113 ई. में अजयपाल द्वारा |
क्षेत्र और ऊँचाई | अस्सी एकड़ में विस्तृत, समुद्र सतह से 2855 फीट और भूमि सतह से 1300 फीट ऊँचाई (स्रोत: संदर्भिका राजस्थान सुजस, पृष्ठ 1040) |
मरम्मत | 17वीं सदी में शाहजहाँ के सेनापति बीठलदास द्वारा |
सबसे ऊँचा भाग | ‘मीरान साहब’ की दरगाह (तारागढ़ के प्रथम गवर्नर मीर सैयद हुसैन खिंगसवार) |
नामकरण | मेवाड़ के महाराणा पृथ्वीराज ने महल बनवाकर अपनी पत्नी ताराबाई के नाम पर तारागढ़ नाम रखा |
ऐतिहासिक उल्लेख | 1832 में गवर्नर जनरल विलियम बैंटिक ने कहा, “ओह दुनिया का दूसरा जिब्राल्टर” |
जल संग्रहण | नाना साहब का झालरा, इब्राहीम शरीफ का झालरा, बड़ा झालरा आदि कुण्ड |
विशेष घटना | शाहजहाँ (खुर्रम) के पुत्र दाराशिकोह का जन्म इसी किले में हुआ |