Tuesday, March 10, 2026
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बैराठ

 

विशेषता विवरण
नाम बैराठ
जिला जयपुर
नदी बाणगंगा / अर्जुन की गंगा
प्रमुख स्थल बीजक पहाड़ी, भीमजी डूंगरी, महादेव डूंगरी, गणेश / मोती डूंगरी
उत्खननकर्ता दयाराम साहनी, कैलाशचन्द्र दीक्षित, नीलरत्न शास्त्री (1936-37)
प्रागैतिहासिक कालीन अवशेष पाषाणकालीन शैल चित्र, पाषाण औजार कारखाना, हाथी-मानव के शैल चित्र (प्राचीनकाल की चित्रशाला)
महाभारतकालीन अवशेष मत्स्य महाजनपद की राजधानी विराटनगर (बैराठ), पाण्डवों का अज्ञातवास स्थल
मौर्य कालीन अवशेष बौद्ध धर्म के अवशेष, सिंह उत्कीर्ण दो अशोक स्तम्भ, बौद्ध मंदिर (चैत्य), स्तूप व विहार
अशोक अभिलेख 1837 में कैप्टेन बर्ट द्वारा बीजक पहाड़ी से बैराठ/भाबू अभिलेख की खोज; 1870-71 में ए.एल. सी. कार्लाइल द्वारा भीमजी डूंगरी से दूसरा भाब्रू अभिलेख; अशोक के बौद्ध धर्मावलम्बी होने का प्रमाण
बौद्ध स्तूप हीनयान सम्प्रदाय का प्राचीनतम स्थापत्य, हूण आक्रमणकारी मिहिरकुल द्वारा नष्ट
पुरातत्व सर्वेक्षण राजस्थान में कार्लाइल की देखरेख में शुरू
चीनी यात्री ह्वेनसांग 634 ई. में यात्रा, आठ बौद्ध स्तूपों (मठ) की जानकारी
मुगलकालीन अवशेष अकबर की टकसाल, मुगल गार्डन, सराय व ईदगाह
अन्य अवशेष उत्तर गुप्तकालीन शंख लिपि, त्रिरत्नचक्र, बुद्ध के अस्थि अवशेष युक्त स्वर्ण मंजूषा (महाराजा सवाई रामसिंह के काल में प्राप्त), उत्तरी काले चमकीले मृदभांड
मुद्राएँ सुती कपड़े में 36 मुद्राएँ – 8 पंचमार्क (चाँदी), 28 इण्डोग्रीक (हिंद-युनानी); सर्वाधिक 16 सिक्के राजा मिनेण्डर के

 

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