### पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत राजस्थान में तीन घटक – संक्षिप्त नोट्स
**घटक-A**:
– **विवरण**: किसान 2 मेगावाट तक के ग्रिड-कनेक्टेड सोलर/नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकते हैं।
– **लाभार्थी**: किसान, किसान समूह, सहकारी समितियाँ, पंचायतें, FPO, WUA, या डेवलपर।
– **प्रोत्साहन**: डिस्कॉम को 0.40 रु./यूनिट या 6.6 लाख रु./मेगावाट (5 वर्ष तक) का प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PBI)।
– **स्थान**: बंजर/अनुपयोगी भूमि पर, 33/11 केवी सब-स्टेशन के 5 किमी दायरे में।
**घटक-B**:
– **विवरण**: स्टैंड-अलोन सोलर कृषि पंपों की स्थापना (7.5 एचपी तक)।
– **सब्सिडी**: केंद्र सरकार द्वारा 30% (पूर्वोत्तर/पहाड़ी क्षेत्रों/द्वीपों में 50%) केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA)।
– **लक्ष्य**: 20 लाख सोलर पंप स्थापित करना।
– **लाभ**: बिजली कनेक्शन के बिना भी सस्ती सिंचाई।
**घटक-C**:
– **विवरण**: ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सोलराइजेशन (IPS) और फीडर लेवल सोलराइजेशन (FLS)।
– **सब्सिडी**: केंद्र सरकार द्वारा 30% (पूर्वोत्तर/पहाड़ी क्षेत्रों/द्वीपों में 50%) CFA।
– **लक्ष्य**: 15 लाख सोलर पंपों का सोलराइजेशन।
– **लाभ**: बिजली खर्च में कमी, अतिरिक्त बिजली बेचकर आय।
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### राजस्थान में पीएम-कुसुम योजना के तहत सौर संयंत्र – संक्षिप्त नोट्स
1. **प्रथम सौर संयंत्र**:
– **स्थान**: भालोजी गाँव, कोटपूतली, जयपुर।
– **शुभारंभ**: अप्रैल 2021।
– **महत्व**: पीएम-कुसुम योजना के तहत देश का पहला सौर ऊर्जा संयंत्र।
2. **दूसरा सौर संयंत्र**:
– **स्थान**: घड़सीसर, चूरू।
– **शुभारंभ**: 4 जून 2021।
– **विवरण**: राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा घटक-A के तहत स्थापित।
3. **प्रगति और लक्ष्य**:
– राजस्थान में 2600 मेगावाट सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य।
– ब तक 722 मेगावाट के संयंत्र स्थापित।


