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भारत का भूगोल: स्थिति, विस्तार और भौतिक प्रदेश

भारत का भूगोल: स्थिति, विस्तार और भौतिक प्रदेश

भारत की स्थिति

विवरण भारत अक्षांशीय दृष्टि से उत्तरी गोलार्ध में स्थित है, जबकि देशांतरीय दृष्टि से यह पूर्वी गोलार्ध में अवस्थित है। वैश्विक संदर्भ में, भारत उत्तर-पूर्वी गोलार्ध का हिस्सा है।

अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार

प्रकार विस्तार
अक्षांशीय विस्तार 8°4′ उत्तरी अक्षांश से लेकर 37°6′ उत्तरी अक्षांश तक
देशांतरीय विस्तार 68°7′ पूर्वी देशांतर से 97°25′ पूर्वी देशांतर तक

भौगोलिक विस्तार

दिशा विवरण लंबाई/चौड़ाई
उत्तर से दक्षिण जम्मू-कश्मीर में इंदिरा कॉल से तमिलनाडु में कन्याकुमारी तक 3,214 किलोमीटर
पूर्व से पश्चिम अरुणाचल प्रदेश के किबिथु से गुजरात के गोरमोता तक 2,933 किलोमीटर
दक्षिणतम बिंदु इंदिरा पॉइंट (पारसन पॉइंट/पिग्मेलियन पॉइंट), 6°45′ उत्तरी अक्षांश

सीमाएँ

प्रकार लंबाई उप-भाग
स्थलीय सीमा 15,200 किलोमीटर
तटीय सीमा 7,516.6 किलोमीटर मुख्य भूमि तट: 6,100 किमी, द्वीपीय तट: 1,416.6 किमी

पड़ोसी देशों के साथ सीमाएँ

देश सीमा रेखा लंबाई संबंधित राज्य
चीन (मैकमोहन रेखा) 3,488 किमी जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश
पाकिस्तान (रेडक्लिफ रेखा) 3,323 किमी जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात
नेपाल 1,751 किमी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम
भूटान 699 किमी सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश
बांग्लादेश 4,096.7 किमी पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम
अफगानिस्तान 108 किमी
म्यांमार 1,643 किमी

भारत का भौतिक स्वरूप

क्षेत्र विवरण
उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं से युक्त यह क्षेत्र देश के उत्तरी भाग में फैला है।
विशाल उत्तरी मैदान गंगा, ब्रह्मपुत्र और उनकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित यह मैदानी क्षेत्र अत्यंत उपजाऊ है।
प्रायद्वीपीय पठार दक्कन पठार सहित यह क्षेत्र प्रायद्वीपीय भारत का मुख्य हिस्सा है।
थार का मरुस्थल पश्चिमी राजस्थान में स्थित यह शुष्क क्षेत्र भारत का एकमात्र बड़ा मरुस्थल है।
तटीय मैदान और द्वीप समूह पूर्वी और पश्चिमी तटों के साथ-साथ अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे द्वीप समूह इस क्षेत्र में शामिल हैं।

I उत्तरी पर्वतीय प्रदेश

विवरण यह क्षेत्र भारत के उत्तरी और पूर्वी राज्यों में लगभग 5 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
भाग ट्रांस हिमालय, हिमालय, पूर्वांचल की पहाड़ियाँ

अ. ट्रांस हिमालय

पर्वत श्रृंखला विवरण
काराकोरम श्रृंखला “एशिया की रीढ़”, सर्वोच्च चोटी K2 (8,611 मीटर), सियाचिन हिमनद (विश्व का सबसे लंबा गैर-ध्रुवीय हिमनद), अन्य ग्लेशियर: बियाफो, बाल्टोरो, बाटुरा, हिस्पार
लद्दाख श्रृंखला
जास्कर श्रृंखला
कैलाश श्रृंखला
प्रमुख दर्रे जोड़ता है
काराताघला/काराकोरम दर्रा और अघिल दर्रा कश्मीर को मध्य एशिया से
चांगला, लनकला, इमिसला दर्रा कश्मीर को तिब्बत से
खारदुंगला दर्रा लेह को नुब्रा घाटी से (विश्व का सबसे ऊँचा मोटर वाहन योग्य दर्रा, दो कूबड़ वाले ऊँट)
प्रमुख नदी सिंधु (तिब्बत में कैलाश पर्वत के पास मानसरोवर झील से निकलती है, लद्दाख और जास्कर के बीच बहती है, पाकिस्तान में प्रवेश, दाहिने किनारे पर श्योक और गिलगित मिलती हैं)

ब. हिमालय

विवरण 7 करोड़ वर्ष पहले टेथिस सागर, अवसाद से भरा, भारत-एशिया टक्कर से वलन, तृतीयक काल में 3 श्रृंखलाएँ, 2,400 किमी चापाकार संरचना
श्रृंखलाएँ महान हिमालय, लघु हिमालय, शिवालिक हिमालय

1. महान हिमालय

विवरण पश्चिम में नंगा पर्वत से पूर्व में नामचा बरवा तक, औसत ऊँचाई 6,100 मीटर
प्रमुख चोटियाँ ऊँचाई स्थान
माउंट एवरेस्ट (सागरमाथा) 8,848 मीटर नेपाल (विश्व की सबसे ऊँची चोटी)
कंचनजंगा 8,598 मीटर सिक्किम (भारत की सबसे ऊँची चोटी)
नंगा पर्वत 8,126 मीटर जम्मू-कश्मीर
नंदा देवी 7,817 मीटर उत्तराखंड
नामचा बरवा 7,756 मीटर अरुणाचल प्रदेश
प्रमुख ग्लेशियर स्थान
गंगोत्री उत्तराखंड
मिलम नेपाल
यमुनोत्री सिक्किम
क्षेत्र प्रमुख दर्रे जोड़ता है
जम्मू-कश्मीर बुर्जिल दर्रा श्रीनगर को गिलगित से
जोजिला दर्रा श्रीनगर को कारगिल और लेह से
पेंशिला दर्रा श्रीनगर को कारगिल और लेह से
हिमाचल प्रदेश बारालाचा दर्रा लाहौल-स्पीति को लेह से
शिपकिला दर्रा शिमला को तिब्बत से (सतलज नदी भारत में प्रवेश)
उत्तराखंड थागाला, माना ला, नीति ला, लिपुलेख ला उत्तराखंड को कैलाश-मानसरोवर से (लिपुलेख ला: भारत-नेपाल-चीन त्रिकोण)
मूलिंग ला उत्तराखंड के आंतरिक भागों को
सिक्किम नाथुला दर्रा भारत-चीन (रेशम मार्ग, 1962 में बंद, 2006 में पुनः खुला)
जेलपला दर्रा सिक्किम को भूटान और चीन से
अरुणाचल प्रदेश बुमला, बोमडिला, यांगयाप दर्रा अरुणाचल को चीन से (यांगयाप: ब्रह्मपुत्र भारत में प्रवेश)

2. लघु हिमालय

विवरण महान हिमालय के दक्षिण में, 3,000-4,500 मीटर ऊँचाई, घास के मैदान (कश्मीर: मर्ग, उत्तराखंड: बुग्याल/पयार), कश्मीर घाटी में करेवा झील (प्लीस्टोसीन काल, केशर, बादाम, अखरोट)
क्षेत्र स्थानीय नाम
कश्मीर पीरपंजाल
हिमाचल धौलाधर
उत्तराखंड मसूरी और नागटिब्बा
नेपाल महाभारत
क्षेत्र प्रमुख दर्रे जोड़ता है
जम्मू-कश्मीर पीरपंजाल दर्रा जम्मू को श्रीनगर से (पुराना मार्ग)
बनिहाल दर्रा जम्मू को श्रीनगर से (जवाहर सुरंग, चेनानी-नाशरी सुरंग 9.2 किमी, 2017)
हिमाचल प्रदेश रोहतांग दर्रा कुल्लू-मनाली को लाहौल-स्पीति से (मनाली-लेह राजमार्ग)

3. शिवालिक हिमालय

विवरण लघु हिमालय के दक्षिण में, 1,500 मीटर औसत ऊँचाई, दून (पश्चिम: देहरादून) और द्वार (पूर्व: हरिद्वार)
क्षेत्र स्थानीय नाम
जम्मू-कश्मीर जम्मू की पहाड़ियाँ
उत्तराखंड दून की पहाड़ियाँ
नेपाल चुरिया
अरुणाचल प्रदेश डाफला, मिरी, अबोर, मिशमी पहाड़ियाँ

स. पूर्वांचल की पहाड़ियाँ

क्षेत्र नाम
अरुणाचल प्रदेश पटकाई बूम
नागालैंड नागा पहाड़ियाँ
मणिपुर मणिपुर पहाड़ियाँ
मिज़ोरम मिज़ो/लुशाई पहाड़ियाँ
त्रिपुरा त्रिपुरा पहाड़ियाँ
प्रमुख दर्रे जोड़ता है
दीफू अरुणाचल को म्यांमार से
तुजु मणिपुर को म्यांमार से

II मध्य का विशाल मैदान

विवरण हिमालय के उत्थान से खाई, नदियों के अवसाद से समतल, सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र द्वारा निर्मित, क्षेत्रफल: 7.5 लाख वर्ग किमी, लंबाई: 2,400 किमी, ऊँचाई: 200-300 मीटर, राज्य: राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम
भाग विवरण
भाबर हिमालय के दक्षिण में मोटे कंकड़-पत्थर, नदियाँ लुप्त
तराई भाबर के दक्षिण में नम क्षेत्र, लुप्त नदियाँ पुनः प्रकट, मलेरिया प्रकोप
खादर बाढ़ में नई मिट्टी वाला क्षेत्र
बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी, बाढ़ का पानी नहीं
स्थलाकृतियाँ विवरण
कंकड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैल्शियमी गांठें
रेह/कल्लर शुष्क क्षेत्रों में लवण की सफेद परत
भूड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कठोर चट्टानी टीले
चोश/चाओस पंजाब में हिमालय से तेज़ जलधाराएँ
धाया पश्चिमी पंजाब में नदी अपरदन से खड़े किनारे
बेट पंजाब में बाढ़ग्रस्त खादर भूमि
दोआब दो नदियों के बीच का क्षेत्र (बिस्त: व्यास-सतलज, बारी: व्यास-रावी, रेचना: रावी-चिनाब, चाज: चिनाब-झेलम, सिंध सागर: सिंधु-झेलम)
बील और चर पश्चिम बंगाल में निचले जलभरे क्षेत्र (बील) और ऊपरी भाग (चर)
राढ़ मैदान पश्चिम बंगाल का उत्तर-पूर्वी भाग
माजुली द्वीप असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप

III प्रायद्वीपीय पठार

विवरण सबसे बड़ा (16.5 लाख वर्ग किमी), सबसे पुराना (गोंडवाना लैंड), चारों ओर: अरावली, विंध्याचल, सतपुड़ा, पूर्वी घाट, पश्चिमी घाट, मेघालय पठार
पर्वत श्रृंखलाएँ स्थान
अरावली राजस्थान
विंध्याचल मध्य प्रदेश
सतपुड़ा गुजरात और मध्य प्रदेश (ब्लॉक पर्वत, भ्रंश घाटियों में नर्मदा-ताप्ती)
अजंता महाराष्ट्र
नदियाँ विवरण
नर्मदा विंध्याचल और सतपुड़ा के बीच
ताप्ती सतपुड़ा और अजंता के बीच
अन्य (गोदावरी, कृष्णा) दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी में
सतपुड़ा की श्रृंखलाएँ स्थान विशेष
राजपिपला गुजरात
महादेव मध्य प्रदेश सर्वोच्च चोटी धूपगढ़
मैकाल मध्य प्रदेश

पश्चिमी घाट

विवरण महाराष्ट्र से केरल तक, 1,600 किमी
भाग चोटी स्थान
उत्तरी कलसोबाई महाराष्ट्र
मध्य कुद्रेमुख कर्नाटक
दक्षिणी अनैमुड़ी (2,695 मीटर) केरल (प्रायद्वीपीय पठार की सबसे ऊँची चोटी)
नीलगिरी डोड्डाबेट्टा (2,637 मीटर) तमिलनाडु (ऊटी प्रसिद्ध)
अन्नामलाई अनैमुड़ी केरल
पालनी तमिलनाडु (कोडाइकनाल)
प्रमुख दर्रे जोड़ता है
थाल घाट मुंबई-नासिक
भोर घाट मुंबई-पुणे
पाल घाट कोच्चि-कोयंबटूर-चेन्नई
सिनकोट तिरुवनंतपुरम-मदुरै

पूर्वी घाट

विवरण नदियों के अपरदन से प्रभावित
चोटी स्थान
सर्वोच्च चोटी विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश)
महेंद्रगिरी ओडिशा
गढ़जात पहाड़ियाँ ओडिशा

पठार के उपविभाग

उपविभाग स्थान विशेष
मालवा मध्य प्रदेश
बुंदेलखंड और बघेलखंड मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश
दक्कन पठार 5 लाख वर्ग किमी काली मिट्टी (कपास के लिए उपयुक्त)
मैसूर पठार कर्नाटक पश्चिमी भाग: मलनाड, पूर्वी भाग: मैदान
रायलसीमा आंध्र प्रदेश
तेलंगाना
दंडकारण्य छत्तीसगढ़ और ओडिशा
छोटा नागपुर पारसनाथ और राजमहल पहाड़ियाँ
मेघालय/शिलांग पठार गारो, खासी, जयंतिया पहाड़ियाँ

IV थार का मरुस्थल

विवरण 50 सेमी से कम वर्षा, राजस्थान (जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, चुरू, गंगानगर)
उत्पत्ति 700 वर्ष पहले टेथिस सागर, खारी झीलें (सांभर, डीडवाना)
जीवाश्म आकल वुड फॉसिल पार्क, जैसलमेर (जुरासिक काल, 18 करोड़ वर्ष पुराने वनस्पति जीवाश्म)
भूमिगत जल चांदन और लाठी क्षेत्र (“थार का घड़ा”)
स्थलाकृतियाँ विवरण
तली/सर नीची भूमि
टाट/रन वर्षा से बनी अस्थाई दलदली झीलें
बालुका स्तूप अनुदैर्ध्य (सीफ, पवन के समानांतर), अनुप्रस्थ (बरखान, पैराबोलिक, पवन के लंबवत), तारा स्तूप (बहुभुजा), नेबखा (झाड़ियों के सहारे)
जल निर्मित आकृतियाँ विवरण
बालासन पहाड़ियों से गिरा बेसिन
पेडिमेंट ढाल पर जल कटाव
बजादा कंकड़-पत्थरों का जमाव
प्लाया समतल जल संग्रह क्षेत्र
उपविभाग विवरण
पश्चिमी शुष्क रेतीला मैदान 25 सेमी वर्षा रेखा तक
अर्द्धशुष्क बांगर घग्घर मैदान (गंगानगर-हनुमानगढ़), शेखावाटी (सीकर, चुरू, झुंझुनू), नागौरी उच्चभूमि (खारी झीलें), लूनी बेसिन (जोधपुर, पाली, जालौर)

V तटीय प्रदेश और द्वीप समूह

विवरण प्रायद्वीपीय पठार से समुद्र तट तक, 9 राज्य (पश्चिम: गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल; पूर्व: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु)

पश्चिमी तटीय मैदान

विवरण चौड़ाई 50-80 किमी
क्षेत्र नाम
गुजरात काठियावाड़
महाराष्ट्र-गोवा कोकण
कर्नाटक कन्नड़
केरल मालाबार

पूर्वी तटीय मैदान

विवरण चौड़ाई 160-480 किमी
क्षेत्र नाम विशेष
उत्तरी सरकार तट स्वर्णरेखा से गोदावरी-कृष्णा डेल्टा उत्कल (ओडिशा), काकीनाड़ा (आंध्र)
कोरोमंडल तट गोदावरी-कृष्णा से दक्षिण कावेरी डेल्टा-तंजौर (“दक्षिण का अन्नभंडार”)

लैगून झीलें

झील स्थान विशेष
चिल्का ओडिशा सबसे बड़ी
पुलिकट आंध्र-तमिलनाडु
वेम्बनाड, अष्टमुदी केरल कयाल

बंदरगाह

तट बंदरगाह
पश्चिम कांडला, मुंबई, न्हावाशेवा, मार्मागोवा, न्यू मंगलौर, कोच्चि
पूर्व कोलकाता, हल्दिया, पारादीप, विशाखापट्टनम, एन्नोर, चेन्नई, तूतीकोरिन

द्वीप समूह

विवरण 247 द्वीप (204 बंगाल की खाड़ी, 43 अरब सागर)
समूह विवरण
अंडमान-निकोबार (बंगाल की खाड़ी) 204 द्वीप, सबसे बड़ा: मध्य अंडमान, सर्वोच्च चोटी: सैडल पीक (732 मीटर, उत्तरी अंडमान), ज्वालामुखी: बैरन (सक्रिय), नार्कोडम (प्रसुप्त), जलमार्ग: 10° चैनल, डंकन पैसेज, कोको चैनल
लक्षद्वीप (अरब सागर) 43 द्वीप, प्रवाल निर्मित, सबसे बड़ा: अंद्रोत, जलमार्ग: 8° और 9° चैनल
अन्य द्वीप विवरण
न्यू मूर डूब गया
श्रीहरिकोटा उपग्रह केंद्र
पंबन रामेश्वरम

 

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